तू
Thursday, January 21, 2010
| तू | |||
| गौरगुलाबी चर्येवर | |||
| लालकेसरी टिकली टेकलेली... | |||
| लालचुटुक ओठांत | |||
| गडद गुलाबी गुपिते मिटलेली.... | |||
| लालगुलाबी वस्त्रांत | |||
| सौम्य गुलाबी कांती लपेटलेली... | |||
| मंद गुलाबी गंधाची | |||
| एक देहकुपी लवंडलेली... | |||
| सभोवताल्यांशी राखलेलं | |||
| एक फिकटं गुलाबी अंतर... | |||
| तू ?... छे! ... तू नव्हेसचं तू; | |||
| तू तर गुलाबच्या फुलाचे भाषांतर !! | |||


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