नामंजूर
Thursday, January 21, 2010
| नामंजूर | |||
| जपत किनारा शीड सोडणे - नामंजूर! | |||
| अन वार्याची वाट पहाणे - नामंजूर! | |||
| मी ठरवावी दिशा वाहत्या पाण्याची | |||
| येईल त्या लाटेवर डुलणे - नामंजूर! | |||
| मला ऋतुंची साथ नको अन् कौल नको | |||
| मला कोठल्या शुभशकुनांची झूल नको | |||
| मुहुर्त माझा तोच ज्याक्षणी हो इच्छा | |||
| वेळ पाहुनि खेळ मांडणे - नामंजूर! | |||
| माझ्याहाती विनाश माझा! कारण मी! | |||
| मोहासाठी देह ठेवतो तारण मी! | |||
| सुंदरतेवर होवो जगणे चक्काचूर | |||
| मज अब्रूचे थिटे बहाणे - नामंजूर! | |||
| रुसवे - फ़ुगवे... भांडणतंटे... लाख कळा | |||
| आपला - तुपला हिशेब आहे हा सगळा | |||
| रोख पावती इथेच द्यावी अन् घ्यावी | |||
| गगनाशी नेणे गार्हाणे - नामंजूर! | |||
| नीती, तत्वे... फ़सवी गणिते! दूर बरी! | |||
| रक्तातील आदिम जिण्याची ओढ खरी! | |||
| जगण्यासाठी रक्त वहाणे मज समजे, | |||
| पण रक्ताचा गर्व वाहणे - नामंजूर! | |||


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